Extreme heat wreaks havoc: More than 550 pilgrims died in Haj, 323 Egyptian citizens lost their lives

भीषण गर्मी का कहर: हज में 550 से अधिक यात्रियों की मौत, मिस्र के 323 नागरिकों की गई जान

मक्का, 19 जून 2024: सऊदी अरब के मक्का में हज यात्रा के दौरान भीषण गर्मी का कहर बरस रहा है। तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के साथ, 550 से अधिक तीर्थयात्रियों की मौत हो गई है। इनमें से 323 मिस्र के नागरिक हैं। मौजूदा समय में ये खबर पूरी दुनिया को हिलाकर रखने वाली है क्योंकि बताया जा रहा है की इस समय अरब में गर्मी काफी तेजी के साथ में बढ़ रही है और हज पर जाने वाली यात्री अभी भी मक्का की और जा रहे है।

मौत के आंकड़ों पर अभी कुछ ठीक से कहा नहीं जा सकता है क्योंकि ये आंकड़े रोजाना बढ़ते जा रहे है। अगर इसका समय पर कोई समाधान नहीं हुआ तो फिर मौत का ये आंकड़ा काफी अधिक हो सकता है।

अभी मक्का से जो खबर आ रही है उसमे हज यात्रा के दौरान हुई मौतों का ये अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि वे सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर लापता मिस्रवासी तीर्थयात्रियों की तलाश कर रहे हैं।

गर्मी से जुड़ी बीमारियां बनीं जानलेवा

अधिकांश मौतें गर्मी से जुड़ी बीमारियों जैसे हीटस्ट्रोक, दिल का दौरा और निर्जलीकरण के कारण हुई हैं। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि 2,000 से अधिक तीर्थयात्रियों को भीषण गर्मी से प्रभावित होकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हज के लिए जाने वाली सभी यात्री इस समय मक्का की भीषण गर्मी में चलकर हज कर रहे है और इसकी बजह से उनको गर्मी की इन बिमारियों का शिकार होना पड़ रहा है।

हर साल बढ़ रहा तापमान

पिछले एक दशक से मक्का में तापमान लगातार बढ़ रहा है। सऊदी अरब के एक शोध के अनुसार, हज यात्रा वाले क्षेत्र का तापमान हर दशक में 0.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ रहा है। मौसम विभाग के जानकारों के अनुसार आने वाले समय में तापमान और भी अधिक बढ़ने की उम्मीद है। अगर इसको लेकर समाधान नहीं निकाला गया तो फिर हज पर जाने वाले यात्रियोना के लिए ये बहुत भारी पड़ने वाला है।

हज यात्रा पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव

जलवायु परिवर्तन हज यात्रा को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। बढ़ते तापमान और चरम मौसम की घटनाओं के कारण तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ रहे हैं। पूरी दुनिया में ही इस समय तापमान बढ़ता जा रहा है और उसकी वजह से गर्मी के चलते मरने वालों की संख्या में भी बढ़ौतरी हो रही है।

क्या हो सकते हैं समाधान?

इस समस्या से निपटने के लिए सऊदी अधिकारी तीर्थयात्रियों के लिए छायादार क्षेत्रों, पानी की सुविधाओं और चिकित्सा सहायता में वृद्धि कर रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन की रोकथाम के लिए गंभीर वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में हज यात्रा को सुरक्षित बनाया जा सके।

इसके अलावा सऊदी सरकार को अपने यहां पर पौधरोपण करने पर अधिक ध्यान देने की जरुरत है और अगर सरकार की तरफ से अभी से इस पर ध्यान दिया जाता है तो आने वाले कुछ समय में अरब के हालात कुछ सही होने सकते है। इसके अलावा जिन राहों से हज के लिए यात्री जाते है उन सभी राहों पर सऊदी की सरकार की तरफ से छाया का प्रबंध करना जरुरी है ताकि हज यात्रियों को तेज गर्मीं के चलते कोई भी दिक्कत का सामना ना करना पड़े।

Priyanshi Rao

प्रियांशी राव पिछले 6 सालों से बिज़नेस और खेल जगत पर आर्टिकल लिखती है और इन्होने कई बड़े मीडिया हाउस में इन विषयों अपनी सेवाएं दी है। प्रीति ने अपनी स्नातक की पढाई के बाद से ही डिजिटल मीडिया में अपने कदम रखे और तब से लेकर अब तक लगातार इसी क्षेत्र में कार्य कर रही है। मौजूदा समय में सास इंडिया के लिए बिज़नेस और सरकारी योजनाओं से सम्बंधित आर्टिकल पब्लिश करती है।

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